आप प्रदीप/प्रतिभा हैं। अपने महाविद्यालय के प्रोफेसर माथुर सर को आपके व्यक्तित्व विकास का श्रेय देते हुए ई-मेल लिखिए।
कक्षा 10 हिंदी – ई-मेल लेखन का प्रारूप
– बॉक्स: उत्तर-पुस्तिका में पूरे ई-मेल प्रारूप के चारों ओर साफ़-सुथरा आयताकार बॉक्स बनाइए।
– दिनांक: वर्तमान दिनांक लिखिए। (कुछ प्रारूपों में यह वैकल्पिक होता है। अपने विद्यालय या बोर्ड के निर्देशों का पालन करें।)
– प्रेषक: ई-मेल भेजने वाले का ई-मेल पता लिखिए। उदाहरण: sender@gmail.com
– प्राप्तकर्ता: ई-मेल प्राप्त करने वाले का ई-मेल पता लिखिए। उदाहरण: receiver@gmail.com
– प्रतिलिपि (CC) / गुप्त प्रतिलिपि (BCC): आवश्यकता होने पर लिखिए। यदि प्रश्न में आवश्यक न हो, तो इन्हें खाली छोड़ सकते हैं।
– विषय: ई-मेल का मुख्य उद्देश्य बताने वाला छोटा और स्पष्ट विषय लिखिए। इसे लगभग 4–6 शब्दों में रखना उचित है।
– संबोधन: सम्मानपूर्वक अभिवादन कीजिए। उदाहरण: आदरणीय महोदय / आदरणीय महोदया।
– ई-मेल का मुख्य भाग: इसे 2–3 छोटे अनुच्छेदों में लिखिए।
- प्रस्तावना: ई-मेल लिखने का मुख्य कारण बताइए।
- मुख्य विषय-वस्तु: अपनी बात, अनुरोध या जानकारी स्पष्ट रूप से लिखिए।
- समापन: विनम्रतापूर्वक अपनी बात समाप्त कीजिए या अपेक्षित कार्य का उल्लेख कीजिए।
– समापन अभिव्यक्ति: औपचारिक ई-मेल में सादर या सधन्यवाद जैसे शब्दों का प्रयोग कीजिए।
– हस्ताक्षर / प्रेषक का नाम: अंत में अपना नाम, पद (यदि आवश्यक हो) या अन्य आवश्यक जानकारी लिखिए।
प्रेषक (From): pradeep@gmail.com
प्राप्तकर्ता (To): mathur.sir@gmail.com
दिनांक: 9 अक्टूबर 2026
विषय: व्यक्तित्व विकास हेतु धन्यवाद
आदरणीय माथुर सर,
सादर नमस्कार!
मैं प्रदीप, कक्षा 10 का विद्यार्थी हूँ। मैं अपने व्यक्तित्व विकास में आपके महत्वपूर्ण योगदान के लिए आपको धन्यवाद देना चाहता हूँ।
आपके मार्गदर्शन से मैंने आत्मविश्वास के साथ बोलना, समय का सही उपयोग करना और अनुशासन में रहना सीखा है। आपने मुझे यह भी सिखाया कि अपनी गलतियों को सुधारने के लिए रचनात्मक सुझावों को खुले मन से स्वीकार करना चाहिए।
आपकी सीख से मेरे व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आया है। मैं भविष्य में भी आपकी बातों का पालन करने का प्रयास करूँगा।
मेरे मार्गदर्शक बनने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
सादर,
प्रदीप
कक्षा 10