Kabir Ki Saakhi | Padbandh, Samas, Muhaware | CBSE Class 10th

कबीर की साखियों से समास, पदबंध और मुहावरों के उदाहरण बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से :

1️⃣ समास (Samas)

कस्तूरी कुंडल बसै

घट-घट

  • विग्रह: प्रत्येक घट में
  • समास: अव्ययीभाव समास

बिरह भुवंगम तन बसै

राम-बियोगी

  • विग्रह: राम का वियोग सहने वाला
  • समास: तत्पुरुष समास

हम घर जाल्या आपणा

मोह-माया

  • विग्रह: मोह और माया
  • समास: द्वंद्व समास

2️⃣ पदबंध (Phrase)

ऐसी वाणी बोलिए

ऐसी वाणी

  • संज्ञा पदबंध

मन का आपा

  • संज्ञा पदबंध

कस्तूरी कुंडल बसै

कस्तूरी कुंडल

  • संज्ञा पदबंध

बन माहिं

  • क्रिया विशेषण पदबंध

जब मैं था तब हरि नहीं

सब अँधियारा

  • संज्ञा पदबंध

दीपक देख्या माहीं

  • क्रिया पदबंध

निंदक नियरे राखिए

आँगन कुटी छँवाइ

  • क्रिया पदबंध

निंदक नियरे

  • विशेषण पदबंध

पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवा

पोथी पढ़ि पढ़ि

  • क्रिया पदबंध

एकै आखर पीव का

  • संज्ञा पदबंध

3️⃣ मुहावरे (Idiomatic Expressions)

कबीर की साखियों में कई भावात्मक मुहावरे जैसे प्रयोग हुए हैं:

साखीमुहावरा/भावात्मक प्रयोगअर्थ
मन का आपा खोईआपा खोनाअहंकार त्यागना
अँधियारा मिट गयाअंधकार मिटनाअज्ञान दूर होना
ज्ञान का दीपक जलनादीपक जलनाज्ञान प्राप्त होना
राम बियोगीवियोग में जलनाअत्यंत दुखी होना
घर जाल्या आपणाघर जलानामोह-माया त्यागना
निंदक नियरे राखिएपास रखनाआलोचना स्वीकार करना
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवाजग मुवाव्यर्थ जीवन बिताना

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